गहोत की दाल (कुल्थी की दाल)

#BD
मैं उत्तराखंड से हूं और हमारे गांव में यह दाल बहुत ही उगाई जाती है जिसके कारण जब भी कोई गांव से आता है तो गहोत जरूर लाता है यह दाल स्वादिष्ट होने के साथ-साथ बहुत ही पौष्टिक होती है अक्सर सर्दियों में यह बहुत खाई जाती है क्योंकि यह गर्म होती है मेरी सासू मां इसमें काला चना, मसूर की दाल, सोयाबीन, राजमा, छिलके वाली उड़द और गहोत डालकर बनती है यह जुखाम में, पथरी में, वजन घटाने में, कब्ज में, मधुमेह में बहुत ही फायदेमंद है।
गहोत की दाल (कुल्थी की दाल)
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मैं उत्तराखंड से हूं और हमारे गांव में यह दाल बहुत ही उगाई जाती है जिसके कारण जब भी कोई गांव से आता है तो गहोत जरूर लाता है यह दाल स्वादिष्ट होने के साथ-साथ बहुत ही पौष्टिक होती है अक्सर सर्दियों में यह बहुत खाई जाती है क्योंकि यह गर्म होती है मेरी सासू मां इसमें काला चना, मसूर की दाल, सोयाबीन, राजमा, छिलके वाली उड़द और गहोत डालकर बनती है यह जुखाम में, पथरी में, वजन घटाने में, कब्ज में, मधुमेह में बहुत ही फायदेमंद है।
कुकिंग निर्देश
- 1
सबसे पहले दाल को अच्छी तरह से साफ करके धो लें फिर इसे प्रेशर कुकर में नमक और पानी डालकर पकाने के लिए रख दें।६-७ सीटी आने पर गैस बंद कर दें।
- 2
अब एक कढ़ाई ले इसमें हींग और जीरा डालें।जीरा तड़कने पर इसमें कटा हुआ लहसुन डालें हल्का सुनहरा होने पर इसमें प्याज़ और अदरक डालकर अच्छी तरह से भून लें ।प्याज के सुनहरा होने पर इसमें कटे हुए टमाटर और हरी मिर्च डालकर गलने तक पकाएं।
- 3
अब इसमें सारे सूखे मसाले डालकर अच्छी तरह से मिक्स करें और 5-7 मिनट के लिए ढककर पकाने दें ।दाल को चेक करें अब इसमें गहोत की दाल मिलाकर 10 -15 मिनट तक पकने दें! या फिर बने हुए मसाले को कुकर में ही पलट दें, दाल में और एक दो सीटी लगने तक पकाएं।
- 4
आपकी गहोत (कुलथी) की दाल बनकर तैयार है। इसे हरा धनिया डालकर गरमा गरम चावल के साथ परोसें।
कीवर्ड
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