देसी लाल गुलाब का पन्ना (शरबत)

#CA26
#week4
#ताजा
#प्राकृतिक
#देसी
#लालगुलाब
#पन्ना
#शरबत
प्राकृतिक लाल गुलाब, विशेष रूप से देसी गुलाब, अपनी मनमोहक और तीव्र सुगंध के लिए जाने जाते हैं। ये सुबह के समय सबसे ताज़ा होते हैं।
मैं प्रकृति प्रेमी हुं और मुझे प्राकृतिक चीज़ों से वानगी बनाना पसंद है और वह भी आसान तरीके से और कम से कम चीज़ों का इस्तेमाल करके। यहां भी मैंने एक ऐसी ही वानगी बनाई हैं जिसका नाम है ताज़ा व प्राकृतिक लाल गुलाब का पन्ना। मैंने इस में गुलाब की पंखुड़ियां, मिश्री(खड़ी साकर) और पानी का इस्तेमाल किया हैं।
पूरे भारत में, जहां भी गर्मी का मौसम होता है, वहां लोग शरीर को ठंडा रखने के लिए देसी लाल गुलाब से अलग-अलग वानगी बनाते हैं। जैसे कि पन्ना,शरबत, गुलकंद, मिठाईयां।
खास तौर पर प्राकृतिक फूलों और फलों में से बना पन्ना मन्दिरों में दोपहर में उत्थापन के समय पर भगवान को आरोगाया जाता हैं। आप पानी,दूध और दही में मिलाकर इसका सेवन कर सकते हों और इसको बना कर के फ्रीज में स्टोर भी कर सकते हों।
देसी लाल गुलाब का पन्ना (शरबत)
#CA26
#week4
#ताजा
#प्राकृतिक
#देसी
#लालगुलाब
#पन्ना
#शरबत
प्राकृतिक लाल गुलाब, विशेष रूप से देसी गुलाब, अपनी मनमोहक और तीव्र सुगंध के लिए जाने जाते हैं। ये सुबह के समय सबसे ताज़ा होते हैं।
मैं प्रकृति प्रेमी हुं और मुझे प्राकृतिक चीज़ों से वानगी बनाना पसंद है और वह भी आसान तरीके से और कम से कम चीज़ों का इस्तेमाल करके। यहां भी मैंने एक ऐसी ही वानगी बनाई हैं जिसका नाम है ताज़ा व प्राकृतिक लाल गुलाब का पन्ना। मैंने इस में गुलाब की पंखुड़ियां, मिश्री(खड़ी साकर) और पानी का इस्तेमाल किया हैं।
पूरे भारत में, जहां भी गर्मी का मौसम होता है, वहां लोग शरीर को ठंडा रखने के लिए देसी लाल गुलाब से अलग-अलग वानगी बनाते हैं। जैसे कि पन्ना,शरबत, गुलकंद, मिठाईयां।
खास तौर पर प्राकृतिक फूलों और फलों में से बना पन्ना मन्दिरों में दोपहर में उत्थापन के समय पर भगवान को आरोगाया जाता हैं। आप पानी,दूध और दही में मिलाकर इसका सेवन कर सकते हों और इसको बना कर के फ्रीज में स्टोर भी कर सकते हों।
कुकिंग निर्देश
- 1
मैंने ताज़ा देसी लाल गुलाब को धो कर उसमें से पानी पूरा सूखा लिया था। बाद में मैंने एक थाली में गुलाब को ले लिया था। फिर उसमें से पंखुड़ियों को तोड़ कर अलग-अलग दो कप ले लिया था।
- 2
अब एक स्टील की कढ़ाई में एक कप मिश्री(साकर) डालें और उस में 1/2 से थोड़ा ज्यादा पानी डाल लें।अब गैस को चालू कर के उसकी आंच को मिडियम कर के कढ़ाई उस पे रखें और उसे धीरे धीरे हिलाते रहें। आप देख सकते अब मिश्री(साकार)अच्छे-से पीगल गई है और एक से देढ तार की चाशनी तैयार हो गई है।
- 3
अब गैस को बंद करके हम इस चाशनी में गुलाब की पंखुड़ियों को डालकर अच्छे से हिलाएंगे।अब इस चाशनी को हमें एक दिन के लिए ढककर रख देना है। जिससे गुलाब का रंग और रस उसमें अच्छे से बैठ जायें।
- 4
दूसरे दिन ढक्कन को खोल के उसे एक बार चम्मच से हिलायें। तो आप देख सकते हैं कि गुलाब का रंग बदल गया है और चाशनी गाढ़ी हो गई है।अब इस चाशनी को छालने के लिए हम हाथ की ऊंगलीयों से गुलाब की पंखुड़ियों को अच्छे से मसाला के उसे बाहर निकाल लेंगे।
- 5
ये देखिए कितनी अच्छी तरह से लाल गुलाब का पन्ना तैयार हो गया हैं। मैंने इसे एक कांच की जार में भर दिया है। एक गिलास में थोड़ा पन्ना और पानी डाल के शरबत बनाया है आप सभी के लिए।
टिप्स
•आप इस में गुलाब जल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
•आप चाहें तो कलर भी डाल सकते हो।
पर मैंने ये पन्ना प्राकृतिक रूप से ही तैयार किया हैं। अच्छा लगे तो एक बार जरूर बनाएं।
शीर्ष पर खोजें
कीवर्ड
समान रेसिपी
और रेसिपीज़
















कमैंट्स (6)