बाजरे की रोटी और मूंग दाल

#CA26
आज सावन महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है गुजरात में इसे बोण चोथ कहा जाता है इसके पीछे की बहुत इंटरेस्टिंग कहानी है यह व्रत करने वाली महिलाएं आज के दिन गेहूं से बनी कोई भी वस्तु नहीं खाते नहीं । कुटते भी नहीं है और गेहूं भी पिसते नहीं है और चप्पू का भी इस्तेमाल नहीं करते हैं जो भी कुछ डालना है उसे हाथों से तोड़कर या फिर कटोरी की जो धार होती है उसे से कटकर उपयोग कर सकते हैं बहुत ही सात्विक मूंग की दाल बनाई जाती है इसमें तड़का भी नहीं लगता धीमी आंच पर उबालकर बनाया जाता है साथ में बाजरे की रोटी
इस दिन गाय और गाय के बछड़े की पूजा की जाती है।
📌 यह प्रसाद बन जाता है बिना तड़के के ही यह मूंग की दाल और बाजरे की रोटी खाने में इतनी स्वादिष्ट लगती है कि क्या बताऊं और बजरी की रोटी गुड़ के साथ तो बहुत ही बढ़िया और स्वादिष्ट लगती है।
मूंग दाल और बाजरे की रोटी जोड़ी एकदम कमल की है।
बाजरे की रोटी और मूंग दाल
#CA26
आज सावन महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है गुजरात में इसे बोण चोथ कहा जाता है इसके पीछे की बहुत इंटरेस्टिंग कहानी है यह व्रत करने वाली महिलाएं आज के दिन गेहूं से बनी कोई भी वस्तु नहीं खाते नहीं । कुटते भी नहीं है और गेहूं भी पिसते नहीं है और चप्पू का भी इस्तेमाल नहीं करते हैं जो भी कुछ डालना है उसे हाथों से तोड़कर या फिर कटोरी की जो धार होती है उसे से कटकर उपयोग कर सकते हैं बहुत ही सात्विक मूंग की दाल बनाई जाती है इसमें तड़का भी नहीं लगता धीमी आंच पर उबालकर बनाया जाता है साथ में बाजरे की रोटी
इस दिन गाय और गाय के बछड़े की पूजा की जाती है।
📌 यह प्रसाद बन जाता है बिना तड़के के ही यह मूंग की दाल और बाजरे की रोटी खाने में इतनी स्वादिष्ट लगती है कि क्या बताऊं और बजरी की रोटी गुड़ के साथ तो बहुत ही बढ़िया और स्वादिष्ट लगती है।
मूंग दाल और बाजरे की रोटी जोड़ी एकदम कमल की है।
कुकिंग निर्देश
- 1
मूंग को अच्छी तरह से धोकर 4 से 5 घंटे के लिए भिगोकर रखें फिर उसे समय पानी निकाल कर दूसरा पानी डालकर नमक और हल्दी डालकर उसे 4 से 5 सीटी लगा है
- 2
कुकर ठंडा होने के बाद मूंग को चम्मच से मिक्स कर ले एकदम गाढ़ा हो जाएगा गरम-गरम मिक्स करने से फिर बड़े बर्तन में उसे डालकर उसमें जरूरत के हिसाब से पानी डालकर उबालने के लिए रख दें
- 3
इससे ज्यादा कुछ मसाले नहीं करने हैं हल्दी पाउडर डालेंगे नमक डालेंगे बारीक कटी हुई हरी मिर्च वह भी कटोरी की धार से काटेंगे कटोरी की धार से ही अदरक के टुकड़े छोटे-छोटे करके उसमें डाल देंगे और एकदम धीमी आंच पर उसे उबालेंगे जब तक गाढ़ा हो जाए करी पत्ते भी हाथों से तोड़कर डालेंगे हरे धनिए को भी हाथों से तोड़कर उसमें डालेंगे आखिर में नींबू का रस डाल देंगे
- 4
अब बाजरे की रोटी बनाएंगे परात में बाजरे का आटा डालेंगे एक नमक वाला पानी का घोल बनाएंगे आटे में काली मिर्च डालेंगे मिक्स करेंगे।
- 5
पानी डालते जाएंगे और मसलते जाएंगे जितना ही है आटे को मसलेंगे उतना ही बाजरे की रोटी बहुत ही सॉफ्ट बनेगी और फुलेगा भी बड़ा सा पेड़ा लेकर दोनों हाथों के बीच देखे जाएंगे उंगलियों से और बड़ी सी रोटी बना लेंगे जैसे गांव में हमारी दादी, नानी बनाया करती थी ऐसे ही और इस मिट्टी की तवे को गर्म करेंगे और उसमें यह रोटी दोनों तरफ से अच्छी तरह से पकाएंगे सकेंगे
- 6
आप देख सकते हैं कि हमारे बाजरे की रोटी कितनी बढ़िया और फूली फूली सी बनी है अब नीचे उतार कर उसे पर गरमा गरम घी लगा देंगे और इसे बाजरे की रोटी मूंग की दाल और गुड़ के साथ परोसें ।
- 7
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