घिया और सामक के चावल की फ़राली खिचड़ी

एक अत्यधिक पौष्टिक, ग्लूटेन-मुक्त (gluten-free) और पेट के लिए फायदेमंद एक ही बर्तन में बनने वाला भोजन (one-pot meal) है। मुख्य रूप से इसका सेवन हिंदू उपवास (व्रत) के दिनों में किया जाता है, लेकिन यह दैनिक वजन कम करनेवालो के लिए और पाचन स्वास्थ्य के लिए एक बेहतरीन कम कैलोरी वाला विकल्प है।
घिया और सामक के चावल की फ़राली खिचड़ी
एक अत्यधिक पौष्टिक, ग्लूटेन-मुक्त (gluten-free) और पेट के लिए फायदेमंद एक ही बर्तन में बनने वाला भोजन (one-pot meal) है। मुख्य रूप से इसका सेवन हिंदू उपवास (व्रत) के दिनों में किया जाता है, लेकिन यह दैनिक वजन कम करनेवालो के लिए और पाचन स्वास्थ्य के लिए एक बेहतरीन कम कैलोरी वाला विकल्प है।
कुकिंग निर्देश
- 1
इस फराली खिचड़ी बनाने के लिए मुख्यरूप से इन चीज़ों की आवश्यकता होगी - सामक चावल, घिया, मूंगफली के दाने, घी, साबुत जीरा, दही, हरी मिर्च अदरक की पेस्ट और सेंधा नमक।
- 2
अब सबसे पहले गैस चालू करके उसके ऊपर एक प्रेशर कुकर रखें और उसमें तड़के के लिए 2 बड़े चम्मच गाय का घी डालें। घी गर्म हो जाए तब उसमें 2 चम्मच साबुत जीरा डाल दें। अब उसमें 1.5 चम्मच हरी मिर्च अदरक की पेस्ट और 2 चम्मच मूंगफली के दाने डाल कर उसे थोड़ा पकने दें। बाद में उसमें कद्दूकस की हुई घिया(लौकी) भी डाल दें। अब उसमें दो ग्लास पानी डाल दें और 3 चम्मच पंजाबी दही डाल दें। ( दही को कुकर में डालने से पहले उसे थोड़ा चम्मच से फेंट ले।
- 3
अब खिचड़ी में डाला पानी उबलने लगे तब उसमें धोकर भिगोए हुए उसमें सामक चावल डाल दें और प्रेशर कुकर का ढक्कन बंद करके उसकी 2 व्हिसल लगा दे।
- 4
कुकर ठंडा होने पर खोलने पर सामक चावल की फ़राली खिचड़ी में पानी ही नहीं था तो मैंने उसमें एक ग्लास जितना पानी ऊपर से डाला हैं। जिस से खिचड़ी थोड़ी ढीली हो जाए। क्यूंकि घीया सामक चावल के साथ में मैंने व्रत में खानेवाली आलू की सूखी सब्जी और मीठा दही सर्व किया हैं।
टिप्स
बहुत ही स्वादिष्ट है ये रेसिपी।
कीवर्ड
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