मुझे लगता है कि खाना बनाना और खाना, खाना दोनों ही एक कला है क्योंकि अगर खाना प्यार से ना बनाया जाये तो खाने में स्वाद नहीं आता और अगर प्यार से बनाया हुआ खाना प्यार से खाया ना जाये तो दिल बेस्वाद हो जाता है। शायद इसीलिए कहा गया है कि किसी के दिल का रास्ता उसके पेट से होकर गुजरता है।