वाटली दाल (batli dal recipe in Hindi)

#rg3
#मिक्सर
#वाटलीदाल
ये एक पारंपरिक महाराष्ट्रीयन डिश है। वाटली दाल को विशेषकर चैत्र मास और गौरी गणपति में बनाया जाता है।इसे चैत्र मास में हल्दी कुमकुम के उत्सव में जरूर बनाया जाता है ।ये बहुत ही स्वादिष्ट लगती है चने की दाल के कारण प्रोटीन से भरपूर होतीहै इसका खट्टा मीठा और हल्का सा तीखा मिला जुला स्वाद ही इस रेसिपी की विशेषता है।
वाटली दाल (batli dal recipe in Hindi)
#rg3
#मिक्सर
#वाटलीदाल
ये एक पारंपरिक महाराष्ट्रीयन डिश है। वाटली दाल को विशेषकर चैत्र मास और गौरी गणपति में बनाया जाता है।इसे चैत्र मास में हल्दी कुमकुम के उत्सव में जरूर बनाया जाता है ।ये बहुत ही स्वादिष्ट लगती है चने की दाल के कारण प्रोटीन से भरपूर होतीहै इसका खट्टा मीठा और हल्का सा तीखा मिला जुला स्वाद ही इस रेसिपी की विशेषता है।
कुकिंग निर्देश
- 1
चने की दाल को 4-5 घंटे के लिए भिगो कर रख दे।बाद में छन्नी में डाल कर पानी निकल ले।
- 2
अदरक लहसुन और हरी मिर्च के साथ 1 चम्मच जीरा डाल कर बिना पानी के दरदरा पीस लें।चने की दाल को बिना पानी डाले दरदरा पीस लें।
- 3
अब एक पैन या कढ़ाई में तेल डाल कर गैस पर रखे जब तेल गरम हो जाए तब इसमेंराई, जीरा,हींग और कड़ी पत्ते डाल दे जबराई जीरा अच्छी तरह से तड़क जाए तब इसमें अदरक लहसुन और हरी मिर्च की पेस्ट डाल कर कुछ देर भूने जब इसका कच्चापन निकाल जाए अब इसमें बारीक कटा हुआ प्याज़ डाल दे और साथ ही हल्दी और थोड़ा सा नमक डाल कर सुनहरा होने तक भूनें।
- 4
अब इसमें पिसी हुई चने की दाल डाल दे और अच्छी तरह से मिला लें इस में स्वाद अनुसार नमक मिलाकर ले और ढक कर पकाएं बीच बीच में हिलाते रहे ।
- 5
जब दाल अच्छी तरह से पक जाए और खिली खिली से हो जाए ता इसमें स्वाद अनुसार शक्कर और नींबू का रस डाल दे और कुछ देर और हिलते हुए पकाएं अब इसमें हरी धनिया डाल दे और खाने से पहले इसमें कद्दू कस किया हुआ नारियल डाल दें और गरम गरम ही खाएं।
- 6
आप इसे प्याज़ के बिना भी बना सकते है।
यदि आप ज्यादा तीखा पसंद करते हो तो आप इसमें लाल मिर्च पाउडर भी डाल सकते है।
गर्मियों के मौसम में वाटली दाल बनाने के लिए कच्ची कैरी का रस भी डाल सकते है।
कीवर्ड
समान रेसिपी
और रेसिपीज़


















कमैंट्स (2)