नानी जी की मुरकी

यह रेसीपी मेरी नानी सास की है जो बिहार से थीं और सालों से खास हमरे परिवार में ही बनती है। बिहार में इसे लक्ठो के नाम से भी जाना जाता है जो बेसन से बनती है लेकिन हम मुरकी को गेहूं के आटे से ही बनाते हैं। 🙂
मेरी सास इसे बनाया करती थी और मुझे यह बहुत पसंद है।
हाल ही में मेरी सास का देहांत हो गया और पहली बार हमने उनके बगैर मुरकी बनाई। कहते है न, खाने के स्वाद से यादें ताज़ा रहती हैं और आगे कई पीढ़ियों तक इसे जिंदा रखती हैं। 🤗
उम्मीद है यह रेसीपी आपको पसंद आएगी। 💝
नानी जी की मुरकी
यह रेसीपी मेरी नानी सास की है जो बिहार से थीं और सालों से खास हमरे परिवार में ही बनती है। बिहार में इसे लक्ठो के नाम से भी जाना जाता है जो बेसन से बनती है लेकिन हम मुरकी को गेहूं के आटे से ही बनाते हैं। 🙂
मेरी सास इसे बनाया करती थी और मुझे यह बहुत पसंद है।
हाल ही में मेरी सास का देहांत हो गया और पहली बार हमने उनके बगैर मुरकी बनाई। कहते है न, खाने के स्वाद से यादें ताज़ा रहती हैं और आगे कई पीढ़ियों तक इसे जिंदा रखती हैं। 🤗
उम्मीद है यह रेसीपी आपको पसंद आएगी। 💝
कुकिंग निर्देश
- 1
गेहूं के आटे को एक परात में सान कर ले लीजिए। इसमें थोड़ा घी मिला लें। थोड़ा पानी डालकर मीडियम आटा गूंथ लें। आधे घंटे तक ढक कर अलग रख लें।
- 2
अब आटे के छोटे छोटे गोले तोड़ लें। इन गोलों को हाथों में लेकर इस तरह स्टिक की तरह रोल करें, बीच में से थोड़ा दबा लें।
- 3
एक गहरे तले की कढ़ाई में तेल को अच्छी तरह गरम करें। स्टिक्स को डालकर मीडियम आंच पर सुनहरा होने तक तल लें, अलग रख लें। सभी स्टिकस को तलकर रख लें।
- 4
अब फिर से एक गहरे तले की कढ़ाई में कुछ पानी की छींटे मार लें और गरम करें। अदरक के लच्छे डालकर 2 से 3 सेकंड तलें। अब गुड़ डालकर मिक्स करें।
- 5
गुड़ को अच्छी तरह पिघल जाने दें।
- 6
अब तली हूई स्टिक डालकर 1 मिनट तक चलाकर पकाएं। आंच से उतार कर एक बड़ी थाली या परात में ठंडा कर लें।
- 7
गुड़ सूख जाने पर स्टिक सख्त हो जाएंगी। बंद डब्बों में भर कर रखें।
- 8
चाय के साथ इसका आनंद लें। 🥰
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